ब्रजेश्वरी देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश

ब्रजेश्वरी देवी मंदिर: जानिए हर साल यहाँ मक्खन क्यों चढ़ाया जाता है

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित ब्रजेश्वरी देवी मंदिर भारत के प्रमुख शक्ति पीठों में से एक है। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी अनोखी परंपराओं के कारण भी प्रसिद्ध है।ब्रजेश्वरी नाम संस्कृत शब्द वज्र से आया है जिसका अर्थ है वज्र और ईश्वरी जिसका अर्थ है देवी। इन्हें…

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कामरुनाग मंदिर मंडी हिमाचल प्रदेश

हिमाचल का वो देवता, जिसकी झील में छिपे ख़ज़ाने को कोई छू नहीं सकता:कमरुनाग

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की करसोग घाटी में ऊँचे पहाड़ों के बीच स्थित कमरूनाग मंदिर एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहाँ आस्था, प्रकृति और पौराणिक इतिहास एक साथ मिलते हैं। यहां विराजमान हैं बड़ा देव कमरूनाग, जिन्हें वर्षा का देवता और न्याय का देवता माना जाता है। भारत की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कई…

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पराशर झील मंदिर मंडी

हिमाचल की रहस्यमयी झील: जहाँ पानी पर तैरता है एक द्वीप

हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले की ऊँची पहाड़ियों में स्थित पराशर झील मंदिर एक ऐसा स्थल है, जहाँ प्रकृति, रहस्य और आस्था एक साथ देखने को मिलती है। यह झील और इसके किनारे बना प्राचीन मंदिर सदियों से लोगों को आकर्षित करता रहा है।स्थान और प्राकृतिक सुंदरता पराशर झील लगभग 2700 मीटर की ऊँचाई पर…

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शी हाट सिरमौर हिमाचल

जहाँ चूल्हे से उठी मेहनत की ख़ुशबू और 23 महिलाओं ने बदल दी अपनी ज़िंदगी आईए जाने शी हाट के बारे में

सिरमौर जिले के बाग पशोग़ गांव में स्थित शी हाट रेस्टोरेंट सिर्फ़ एक खाने की ही जगह नहीं, बल्कि महिला संशक्तिकरण की जीवंत मिसाल है। यहाँ परोसे जाने वाले पारंपरिक व्यंजनों के पिछे 23 महिलाओं की संघर्ष, मेहनत और आत्म निर्भरता की प्रेरणादायक कहानी छिपी है।कैसे शुरू हुई यह पहल?क़रीब 2020 के आसपास, जब कोविड…

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समृद्ध हिमाचल 2045 scheme

समृद्ध हिमाचल 2045: आत्म निर्भर राज्य की ओर कदम 

समृद्ध हिमाचल योजना हिमाचल प्रदेश सरकार की एक दीर्घकालीक विकास दृष्टि है, जिसका उद्देश्य राज्य को वर्ष 2045 तक आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। यह कोई एक ही लाभ देने वाली छोटी योजना नहीं है बल्कि कई क्षेत्रों जैसे शिक्षा, रोजगार, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और पर्यावरण को जोड़कर राज्य के समग्र विकास का रोडमैप तैयार करती है। योजना के प्रमुख लक्ष्य  यह योजना 7 प्रमुख…

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भीम का चूल्हा - हाटू पीक

ज़ब पांडव पहुचें हिमालय की चोटी पर- हाटू पीक की पौराणिक कथा

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के पास हाटू पीक लगभग 11,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। हाटू माता हिमाचल की स्थानीय लोकदेवी हैं। इन्हें सामान्यतः माँ काली या भीमकाली का रूप माना जाता है। राजधानी शिमला से क़रीब 61 किलोमीटर दूर स्थित है नारकंडा अपनी ख़ूबसूरत वादियों के लिए विख्यात है। यहाँ से केवल…

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काली दा टिब्बा चैल

बदलों की गोद में माँ का दरबार – काली दा टिब्बा की रहस्यमयी पुकार।

हिमाचल प्रदेश के चैल के पास स्थित एक अत्यंत सुंदर और आध्यात्मिक स्थल है, जहाँ काली माता का प्राचीन मंदिर ऊँची पहाड़ी पर बना हुआ है। यहाँ पहुँचते ही मन अपने आप शांत हो जाता है। कहते हैं, कुछ स्थान ऐसे होते हैं जहाँ जाने का निर्णय हम लेते हैं, लेकिन बुलावा ऊपर से ही…

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माँ शूलिनी सोलन

जिस देवी के नाम पर बसा है पूरा शहर, हर वर्ष नगर भ्रमण करती है- माँ शूलिनी की अद्भुत कथा।

शूलिनी माता मंदिर हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर का सबसे प्रमुख और धार्मिक स्थल है। यह मंदिर माँ शूलिनी को समर्पित है, और माना जाता है कि सोलन शहर का नाम भी माता शूलिनी के नाम पर ही पड़ा है। शूलिनी माता का महत्व माता शूलिनी को शूल धारण करने वाली (शूलधारिणी) कहा जाता है,…

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माँ बगलामुखी। कांगड़ा

दशमहाविद्या की सबसे रहस्यमयी देवी: शत्रु विनाश और वाणी सिद्धि प्रदान करने वाली माँ बगलामुखी।

माता बगलामुखी हिंदू धर्म की दशमहाविद्याओं में से एक अत्यंत शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें विशेष रूप से शत्रुओं का नाश करने वाली, वाणी पर नियंत्रण देने वाली और न्याय पर विजय दिलाने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। माँ की साधना तंत्र और शक्ति उपासना में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है।…

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रामलोक मंदिर सोलन

वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में दर्ज है सोलन में दुनिया का इकलौता रामलोक मंदिर: जानिए हिमाचल के “मिनी अयोध्या” के बारे में।

हिमाचल प्रदेश के शांत और सुरम्य वादियों के बीच स्थित राम लोक मंदिर आस्था, आध्यात्मिकता और अद्भुत सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है। यहाँ पहुँचते ही ऐसा अनुभव होता है जैसे धरती से सीधा रामलोक की दिव्य अनुभूति हो रही हो। रामलोक मंदिर में दुनिया की सबसे बड़ी अष्टधातु की मूर्तियाँ स्थापित होने के कारण रामलोक…

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