सिरमौर जिले के बाग पशोग़ गांव में स्थित शी हाट रेस्टोरेंट सिर्फ़ एक खाने की ही जगह नहीं, बल्कि महिला संशक्तिकरण की जीवंत मिसाल है। यहाँ परोसे जाने वाले पारंपरिक व्यंजनों के पिछे 23 महिलाओं की संघर्ष, मेहनत और आत्म निर्भरता की प्रेरणादायक कहानी छिपी है।
कैसे शुरू हुई यह पहल?
क़रीब 2020 के आसपास, जब कोविड का समय था, उस दौरान जिला प्रशासन और पंचायत के सहयोग से इस पहल की शुरुआत हुई।
उद्देश्य था-
ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देना
हिमाचली पारंपरिक भोजन को बढ़ावा देना
इस पहल को आगे बढ़ाने में उस समय में उपयुक्त आर.के.प्रूथि की अहम भूमिका रही।
क्या है खास इस रेस्टोरेंट में?
शी हाट की सबसे बड़ी ख़ासियत है यहाँ मिलने वाला पारंपरिक सिरमौरी खाना, जो पूरी तरह से स्थानीय और देसी तरीके से बनाया जाता है।
यहाँ मिलने वाले प्रमुख व्यंजन:
सिड्डू
पत्तांडे
बाथू की खीर
मक्की की पिन्नी
जिमीकंद
साग, करी और स्थानीय दालें
यह खाना पारंपरिक तरीके से मिट्टी के चूल्हे पर बनाया जाता है।
पर्यटन और संस्कृति का संगम
यहाँ एक रूरल हाट भी है जहाँ महिलाएँ अपनी हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पाद बेचती हैं। यहाँ आपको ऊन से बने कपड़े, जुराबें, टोपी और शॉल कम दामो में उपलब्ध होगी। लकड़ी से बने खिलौने और शोपीस भी देखने को मिलेंगे। पहाड़ी तरीक़े से बनाया गया नमक, आचार और अन्य आर्गेनिक चीज़ें भी आपको आसानी से यहाँ मिल सकती है। पर्यटकों के लिए गेस्ट हाउस और प्राकृतिक वातावरण भी उपलब्ध है।
यह महिलाओं को पहचान देने वाला एक मंच है जहाँ उनका हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास मिलकर एक नई पहचान बनाते हैं।
