भीम का चूल्हा - हाटू पीक

ज़ब पांडव पहुचें हिमालय की चोटी पर- हाटू पीक की पौराणिक कथा

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के पास हाटू पीक लगभग 11,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। हाटू माता हिमाचल की स्थानीय लोकदेवी हैं। इन्हें सामान्यतः माँ काली या भीमकाली का रूप माना जाता है। राजधानी शिमला से क़रीब 61 किलोमीटर दूर स्थित है नारकंडा अपनी ख़ूबसूरत वादियों के लिए विख्यात है। यहाँ से केवल…

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शिव आदियोगी का रहस्य

जब आदियोगी ने खोला योग का रहस्य: जानिए कौन थे उनके प्रथम शिष्य और योग के प्रथम प्रचारक, सप्त ऋषियों की अद्भुत यात्रा।

आदियोगी शिव और सप्त ऋषि का संबंध सनातन धर्म की योग-परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह संबंध योग के आदि सत्रोत और उसके प्रथम प्रसार से जुड़ा हुआ है। आदियोगी शिव कोन हैं? सनातन परंपरा के अनुसार भगवान शिव को आदियोगी कहा जाता है, अर्थात् योग के प्रथम गुरु। योग की संपूर्ण परंपरा-आसन,…

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माँ बगलामुखी। कांगड़ा

दशमहाविद्या की सबसे रहस्यमयी देवी: शत्रु विनाश और वाणी सिद्धि प्रदान करने वाली माँ बगलामुखी।

माता बगलामुखी हिंदू धर्म की दशमहाविद्याओं में से एक अत्यंत शक्तिशाली देवी मानी जाती हैं। उन्हें विशेष रूप से शत्रुओं का नाश करने वाली, वाणी पर नियंत्रण देने वाली और न्याय पर विजय दिलाने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। माँ की साधना तंत्र और शक्ति उपासना में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है।…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिया आश्वासन।- पाश्चिम एशिया युद्ध

पाश्चिम एशिया युद्ध से वैश्विक तेल संकट गहराया, लेकिन भारत सुरक्षित- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिया आश्वासन।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद और देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाबजूद भारत में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर घबराने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ने पर्याप्त भंडारण और वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह युद्ध…

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दिव्य शक्तिपीठ माता ज्वाला

ऐसा अद्भुत मंदिर जहाँ मूर्ति नहीं, बल्कि स्वयं प्रकट ज्योति के रूप में होती है माँ की पूजा- ऐसा दरबार जहाँ झुके सम्राट अकबर भी, जानिए दिव्य शक्तिपीठ माता ज्वाला का रहस्य।

भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माता ज्वाला जी का मंदिर अपनी अनोखी चमत्कारी विशेषता के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यह ऐसा दिव्य मंदिर है जहाँ मूर्ति नहीं, बल्कि धरती से प्रकट होने वाली नौ ज्योतिओं के रूप में माता की पूजा की जाती है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा ज़िले के ज्वालामुखी…

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una wood cut - ऊना वन माफिया

एक हज़ार ख़ैर के पेड़ों का क़त्ल: ऊना के जंगलों पर ‘वन माफिया’ का हमला, हाईकोर्ट तक पहुँचा मामला पर्यावरण, राजस्व और विश्वास तीनों पर संकट।

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में खैर यानी खदिर के पेड़ों की अवैध कटाई ने एक बड़े पैमाने पर पर्यावरण संरक्षण के लिए और वन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करदिए हैं। वानस्पतिक नाम अकेशिया कैटेचू  को हिंदी में खैर, खदिर या कत्था के नाम से जाना जाता है। उपयोग: यह एक औषधीय पौधा…

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राम नवमी आस्था का पर्व

राम नवमी – आस्था का पर्व

चैत्र मास की नवमी तिथि को मनाए जाने वाला पर्व राम नवमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। यह दिन श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में पूरे भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान राम को भगवान विष्णु का सातवां अवतार भी माना जाता है। राम नवमी से पहले, हिंदू…

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हिमाचल प्रदेश बजट

हिमाचल प्रदेश में “ग्रांट” को लेकर बढ़ता विवाद: अनुपूरक बजट, वित्तीय संकट पर सियासी घमासान

हिमाचल प्रदेश में इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र बने हैं- “ग्रांट” (अनुदान) से जुड़े हुए मुद्दे। इनमें से सबसे प्रमुख हैं- हाल ही में हुआ अनुपूरक बजट का विवाद, केंद्र सरकार से मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान का बंद होना, मंदिर निधियों के उपयोग का विवाद, छात्रवृत्ति अनुदान घोटाला। ये सभी मुद्दे…

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चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन - माँ दुर्गा

चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन: जानें पूजा विधि, शुभ रंग, भोग एवं कथा

चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा को समर्पित है। इस दिन माता कि उपासना से जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। इस दिन माँ दुर्गा के सौम्य और शांत स्वरूप की पूजा की जाती है, जो की भक्तों को सुख-समृद्धि प्रदान करती हैं। माता चंद्रघंटा का…

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चैत्र नवरात्रि

चैत्र नवरात्रि: मन, वाणी और कर्म की शुद्धि का पवन पर्व

हिंदू पंचांग के अनुसार 19 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्रि और चैत्र अमावस्या दोनों ही हैं। आज ही के दिन हिंदू नववर्ष भी मनाया जाएगा जो कि विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है जैसे कि गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र में, उगादी दक्षिण भारत में और सिंधी समाज में इसे चेटी चंद कहा जाता…

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