kalighat kali mandir

कालीघाट काली मंदिर: शक्तिपीठ की रहस्यमयी महिमा और माँ काली का उग्र स्वरूप

कालीघाट काली मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है, जो पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्थित है। यह मंदिर माँ काली को समर्पित है। कालीघाट काली मंदिर को 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, जब माता सती के शरीर के अंग पृथ्वी पर गिरे थे, तब इस स्थान पर उनके दाहिने पैर की अंगुली गिरी थी। इसी कारण यह स्थान अत्यंत पवित्र माना जाता है।
मंदिर का इतिहास
कालीघाट मंदिर का इतिहास बहुत प्राचीन है, हालांकि वर्तमान संरचना का निर्माण 19वीं शताब्दी में किया गया था। यह मंदिर समय के साथ विकसित हुआ और आज ये कोलकाता के सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है।
कहा जाता है कि पहले यहाँ एक साधारण सा मंदिर था, जो धीरे-धीरे भव्य रूप में परिवर्तित हो गया।
माँ काली की अद्भुत प्रतिमा
मंदिर के गृभगृह में स्थापित माँ काली की मूर्ति अत्यंत विशेष और अनोखी है।
इस मूर्ति में देवी का रूप पारंपरिक प्रतिमाओं से अलग दिखाई देता है।
माता की बड़ी और लंबी जीभ है जो कि सोने से बनी है। माँ के तीन नेत्र और काले रंग का स्वरूप दर्शाया गया है। यह रूप काली माता की शक्ति, क्रोध और रक्षक रूप को दर्शाता है।
कालीघाट नामकरण
कालीघाट नाम का संबंध हुगली नदी की एक पुरानी धारा से जुड़ा हुआ है।
पहले इस स्थान के पास गंगा की एक शाखा बहती थी, जिसे घाट कहा जाता था। काली पूजा इस मंदिर का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण उत्सव है, जो दीपावली के समय मनाया जाता है। इस दिन मंदिर को भव्य तरीके से सजाया जाता है।
इसके अलावा दुर्गा पूजा के दौरान भी यहाँ विशेष भीड़ देखने को मिलती है।
यदि आप माँ काली की शक्ति को करीब से महसूस करना चाहते हैं तो कालीघाट मंदिर की यात्रा आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और यादगार अनुभव साबित हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top