प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिया आश्वासन।- पाश्चिम एशिया युद्ध

पाश्चिम एशिया युद्ध से वैश्विक तेल संकट गहराया, लेकिन भारत सुरक्षित- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिया आश्वासन।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद और देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाबजूद भारत में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर घबराने की ज़रूरत नहीं है। सरकार ने पर्याप्त भंडारण और वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह युद्ध पिछले तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है और इसका असर पूरा दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार व्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने स्वीकार किया कि इसका प्रभाव भारत के व्यापारिक तरीक़ों पर भी देखने को मिल रहा है, लेकिन सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

53 लाख मीट्रिक टन रणनीतिक तेल भंडार तैयार

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने 53 लाख मीट्रिक टन रणनीतिक कच्चे तेल का भंडार तैयार किया है और अतिरिक्त 65 लाख मीट्रिक टन क्षमता विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है।

70,000 करोड़ रुपये का जहाज निर्माण प्रोजेक्ट शुरू

सरकार ने जहाज निर्माण परियोजना शुरू की है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति और समुंद्री परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

7 सशक्त समूह बनाए गए

प्रधानमंत्री ने कहा कि ईंधन, सप्लाई चेन, उर्वरक और अन्य आवश्यक क्षेत्रों के लिए सरकार ने सात सशक्त समूह गठित किए हैं।

भारत का स्पष्ट रूख- संवाद और कूटनीति से शांति

भारत के रूख को स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश पश्चिम एशिया में क्षेत्र में शांति चाहता है और संवाद व कूटनीति के ज़रिए समाधान का समर्थन करता है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है और उससे उबरने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस संकट का भारत की अर्थव्यवस्था पर असर कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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