माघ मेले में समुत्कर्षा बालिका शिविर का समापन समारोह, बालिकाओं को सर्वांगीण विकास का बराबर हक मिले – केशव प्रसाद मौर्य

उपासना डेस्क, इलाहाबाद: माननीय उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्धारा समुत्कर्षा बालिका शिविर का समापन समारोह में प्रतिभाग किया गया जिसमें परिचय एवं सम्मान श्री बाके बिहारी पाण्डेय (प्रदेश निरीक्षक-काशी प्रान्त) वृत्त निवेदन श्री आत्मानन्द सिंह (शिविर संयोजक) योग प्रदर्शन प्रतिभागी बालिकाओं द्धारा, उद्बोधन (विशिष्ट अतिथि) श्री यतीन्द्र कुमार शर्मा (राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री) अध्यक्षीय उद्बोधन श्रीमती सोनी चैरसिया (कत्थक नृत्यांगना) एवं व्यक्तिगत गीत वहन प्रियांजकी (यशोधरा नगर) एवं आभार श्री राम प्रकाश पोरवाल (सह मंत्री, विद्या भारती) के द्धारा व्यक्त किया गया।

सभा का संचालन कर रहे श्री यतीन्द्र कुमार शर्मा जी ने कहा कि इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री सुहास एल0वाई0, मेलाधिकारी श्री विजय किरण आनंद एवं मेला प्रभारी श्री राजीव राय, तहसीलदार मेला विवेक शुक्ला का बहुत ही सराहनीय योगदान रहा। जो भी कार्य उनको बताया जाता था, उसमें वे निरन्तर लगे रहते थे और इस कार्यक्रम को सफल बनाने में भी उनका विशेष योगदान था। माननीय उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्धारा सबको शाल भेंट कर सम्मानित किया गया।

माननीय उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस अवसर पर कहा कि माता सरस्वती त्रिवेणी की भूमि पर अदृश्य रूप में है और इस भूमि में विद्यमान हैें, मैं माता सरस्वती सें यह प्रार्थना करूंगा कि बेटिया जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहें उस क्षेत्र में इनकों सार्मथ्य प्रदान करें। संगम की भूमि पर पहली बार इस प्रकार का कार्यक्रम हुआ है। 3 दिन के बजाय 4 दिन लग गया, इस शिविर का समापन करने में और समापन के अवसर पर मुझे यह मौका मिला। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी का उद्बोधन काट करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के अनुसार एक बेटी दस बच्चे के बराबर होती है। इसलिए मैंने बच्चों को सर्वांगीण विकास की दृष्टि से और लोक निर्माण विभाग के मंत्री के तौर पर यह घोषणा कि जो भी बच्चा हाईस्कूल या इण्टरमीडिएट में टाॅप करेगा उनके घर तक एक अच्छी से अच्छी सड़क बनाने का संकल्प हमारी सरकार द्वार किया गया है। उन्होंने प्रयाग के माघ मेले के बारे में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि माघ के समय सारे देवी देवता इसी प्रयागराज में विद्यमान रहते हैं उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी विश्व के सबसें सर्वमान्य नेताओं में से एक है। उनकी तर्ज पर हमारी भारत की हमारी बेटियां जहाँ भी जाये वहाँ अपनी एक अलग पहचान बनायें। भारत में महिला सशक्तीकरण तो निश्चित तौर पर होने वाला है। इसलिए मैं आह्वाहन करता हूँ कि उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में भी देश में अव्वल बनाने का प्रयत्न मिल कर किया जाय। हमारी सरकार आपके साथ खड़ी है, आप जहाँ भी जायें, आज भव्य दृश्य जो दिखाई दिया इसको वर्णन करने के लिए हमारे पास कोई शब्द नहीं है। बेटे की जगह बेटियों ने भी अपना सम्मान बढ़ाने का कार्य किया है। प्रदेश में जहाँ-जहाँ दिक्कते आ रही हैं, मैं आपके साथ खड़ा हूँ। इसी क्रम में मा0 उप मुख्यमंत्री ने मेला प्रशासन, जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन सबको माघ मेले के सफल आयोजन के लिये धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

इसके उपरान्त माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य माघ मेला के परेड स्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में भी समापन के अवसर पर पहुँचे। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारम्भ किया गया। उन्होंने पूज्य चैतन्य जी महाराज, अविरल गंगा एवं निर्मल गंगा पर कार्य कर रहे श्री आनंद गिरि जी महाराज, सतूआ बाबा आदि संतों का आर्शीवाद लिया और विद्यार्थी परिषद द्धारा पालीथीन मुक्त माघ मेले में जो संकल्प किया गया है, उसकी सराहना करते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की भूमिका बहुत बड़ी है, मैं प्रयाग के वासी होने के अलावा सरकार में होने के नाते मैं आपके साथ खड़ा हूँ। सारे दोष को भूलकर हम लोग एकजुट होकर अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करे और स्वच्छता का अभियान चलाये। उन्होंने कहा है कि कुम्भ मेले की सूची कों यूनेस्कों ने भी स्वीकार किया है कि यह विश्व का सबसे बड़ा मेला है ओर मोदी जी और योगी जी की सरकार में और दिव्य और भव्य होगा। गन्दगी के साथ-साथ पालीथीन मुक्त हो मेरा माघ मेला मै आपकों आवह्न करता हूँ कि सफाई किसी विशेष समाज या व्यक्ति का नही है, ये सबका है, हम लोग आज ही संकल्प ले, दुनिया में आज सबसे आगे प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी के नेतृत्व में आप सबसे शक्तिशाली है। कुछ भी असम्भव नहीं है, केवल प्रण लेने की जरूरत है। इस देश ने बहुत से क्षेत्रों में अपना योगदान दिया है, इसी प्रकार हमारे पूर्वजों ने जो भी स्वच्छता और संस्कृति का पेड़ लगाया है उसे सूखने नहीं देना है। हर कहीं पर राष्ट्रीय चेतना, स्वच्छता के लिए हमें स्वयं तत्पर रहना होगा।

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