मानव सेवा से प्रेरित, सोरायसिस मुक्त भारत के सपने को साकार कर रहे है महामंडलेश्वर स्वामी महेशानंद गिरी जी महाराज

उपासना डेस्क, प्रयागराज: साधु, संस्कृत शब्द है जिसका सामान्य अर्थ ‘सज्जन व्यक्ति’ से है।
लघुसिद्धान्तकौमुदी में कहा है- ‘साध्नोति परकार्यमिति साधुः’ (जो दूसरे का कार्य कर देता है, वह साधु है।)

वर्तमान में यह कार्य महामंडलेश्वर श्री श्री १००८ स्वामी महेशानंद गिरी जी महाराज कर रहे है। स्वामी महेशानंद गिरी जी महाराज, सोराइसिस (चर्म रोग) का उपचार आयुर्वेद चिकित्सा पद्दति से करते है। महामंडलेश्वर स्वामी महेशानंद गिरी जी महाराज जो बाल्यकाल से ही संन्यासी हैं और सन्यास की दीक्षा के साथ इन्होंने भारत के उच्च कोटी सन्तों के बीच रहकर आयुर्वेद एवं योग की शिक्षा का अध्ययन किया। वर्षों तक शिक्षा अध्ययन करने के बाद स्वामी जी अपने गुरुदेव बाबा काली कमली वालों के पास ॠषिकेश आ गाये। यहाँ आश्रम में ही अपने गुरुभाई को चर्मरोग से पीड़ित देखा, चर्मरोग इतना भयाभय था कि उन्हे गैगरीन हो गया था, उन दिनों यह बीमारी छूआछूत की बीमारी मानते थे। स्वामी जी का लालन-पालन उनके गुरुभाई ने माता-पिता बनकर किया था और जब कोई अपना ही इस भयंकर बिमारी से पीडित देखकर स्वामीजी ने दिन रात एक करके अपने गुरुभाई को दो से तीन वर्षो कि निरंतर सेवा के बाद और भगवान धनवन्तरी कि कृपा से रोग मुक्त किया।

प्रयागराज कुंभ 2019 में जनकल्याण सेवा आश्रम समिति द्वारा चर्मरोग (सोरायसिस) मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। चर्मरोग से पीडित रोगी देश भर के श्रद्दालु कुम्भ में पहुंच कर निशुल्क दवा लेकर स्वास्थ्य लाभ उठा रहे है। इसके लिए टेलीफोन से संपर्क भी कर सकते है – +९१-8097307690 तथा टोल फ्री 1800 200 8055 पर भी संपर्क कर सकते है। इस शिविर में स्वामी जी इलाज के साथ-साथ योग, आयुर्वेद और अध्यात्म की तरफ लोगों को अपनाने की कहते है।

एक ध्येय एक अभियान सोरायसिस मुक्त भारत
स्वामी जी ने ये प्रतिज्ञा की भारत को सोराइसिस मुक्त बनाना है देश के कई प्रदेशों में स्वामी जी का एक ही ध्येय एक ही उद्देश्य चर्मरोग (सोराइसिस) सफेद दाग मुक्त भारत अभियान बड़ी सफलता पूर्वक चल रहा है अब तक भारत में लाखों रोगी रोग मुक्त हो चुके हैं।

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