बाबा लोकनाथ का मंदिर, इलाहाबाद

प्रस्तुति : अजामिल
चित्र : अमन विष्णु

भगवान शिव का निवास भले ही कैलाश पर्वत हो लेकिन उनका मन उस लोक में बसता है, जहां उनके भक्त उन्हें दिन रात स्मरण करते रहते हैं इसीलिए शिव को लोकनाथ भी कहा जाता है यज्ञ तीर्थ प्रयाग के पुराने इलाहाबाद के चौक क्षेत्र में बाबा लोकनाथ का भव्य मंदिर लगभग 200 बरस से अपनी महिमा और कीर्ति से प्रयाग को भक्ति की सुगंध से सुगंधित किए हुए है।

शिव भक्तों की भावनाओं से आज यह मंदिर भव्य और खूबसूरत हो गया है सकरी गलियों के बीच स्थापित होने के कारण इस मंदिर का बहुत विस्तार तो नहीं हुआ लेकिन इसका पूरा परिसर संगमरमर का जरूर बनवा दिया गया इस मंदिर में बाबा लोकनाथ शिवलिंग प्रतीक के रूप में स्थापित है यह शिवलिंग निरंतर पूजा-अर्चना से जागृत है और चमत्कारिक ऊर्जा से ओतप्रोत है प्रतिदिन बाबा लोकनाथ की आरती सुबह और शाम भक्तों द्वारा की जाती है।

हजारों लोग इस मंदिर के समक्ष रुक कर बाबा लोकनाथ को मस्तक झुकाने के बाद अपने काम पर जाते हैं भक्तों के विश्वास और आस्था का केंद्र है बाबा लोकनाथ इस मंदिर का प्रांगण अपनी सहजता के कारण शिव सिद्ध पीठ हो गया है और सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है बाबा लोकनाथ के भक्त केवल प्रयाग में ही नहीं है बल्कि देश के कोने कोने में और विदेशों में भी उनके भक्तों की संख्या लाखों में है प्रिया खाने वाला हर शिवभक्त का बाबा लोकनाथ के दर्शन के लिए जरूर आता है ।

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