यश, कीर्ति, ख्याति लेकर आएंगे गुरु, बृहस्पति का राशि परिवर्तन

बनेगे विवाह योग विश्व में बढेगा देश का वर्चस्वप्रस्तुति ज्योतिषी पं. सोमेश्वर जोशी

someshwar-joshi
ज्योतिषाचार्य
पं. सोमेश्वर जोशी
(9907058430)

11 अगस्त विशेष खगोलीय घटना होने वाली है, जिसका ज्योतिष शास्त्र में बहुत महत्व माना गया है। देव गुरु बृहस्पति सिंह राशि  में 13 माह गोचर के पश्चाद् 11 अगस्त को रात्रि 09:27 बजे बृहस्पति ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे जो अगले 13 महीने सितंबर 2017 तक कन्या राशि में ही रहेंगे।

ज्योतिषाचार्य पं. सोमेश्वर जोशी ने बताया की गुरु का कन्या राशि में गोचर शोक का सूचक कहा गया है। बुध और गुरु पारस्परिक सम्बन्ध देखा जाये तो सम और शत्रु का है, इसमें विशेष रूप से देश के लिए गुरु का यह तृतीय गोचर राष्ट्र को यश, कीर्ति, ख्याति पुरे विश्व में बढ़ाएगा धर्म को बढ़ावा देने वाला राष्ट्र विकास, आय में वृद्धि एवं उन्नति प्रदान करवाएगा इसी कारण उज्जैन में सिहस्त के अमृतमयी योग बने थे इस कारण सिंहस्थ योग भी अब समाप्त हो जायेगे।

विवाह के योग भी अब बनना शुरू हो जायेगे वृषभ, मकर, और मीन राशि के लिए श्रेष्ठ मेष, मिथुन, तुला और कुम्भ राशि वाले जातको के लिए विपरीत एवं अन्य राशियों के लिए इसका सामान्य प्रभाव रहेगा।  वैसे तो सभी ग्रह कुछ दिनों में राशि परिवर्तन करते है, परन्तु देव गुरु 13 महीने तक कन्या राशि में रहेंगे  इसलिए यह जानना जरुरी हो जाता है की इसका विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

बृहस्पति ग्रह का विभिन्न राशियों पर प्रभाव
१) मेष: सामान्य प्रभाव शत्रु,व्यय, नुकसान परन्तु सुखदायी प्राप्त होगा

२) वृषभ: अच्छा प्रभाव,शिक्षा,संतति सुख एवं धार्मिक कार्य होगे

३) मिथुन: बुरा प्रभाव सुख में कमी लड़ाई झगड़ा परेशानिया बढ़ाएगा

४) कर्क: शुभ गोचर रहै।गा मन सम्मान मिलेगा प्रतिष्ठा और बड़येगा

५) सिंह: धन प्राप्त होगा पदोनत्ति परनतु शत्रु एवं अस्वस्थ उत्म्पन्न कर सकता है।

६) कन्या: अति शुभ ,लाभ प्राप्त होगा वैवाहिक सुख बढेगा, विद्या एवं धर्म में रूचि बढ़ेगी

७) तुला: बुरा प्रभाव रहै।गा, शत्रु एवं खर्च की चिंता बानी रहै।गी यात्रा अधिक होगी

८) वृशिक: अति शुभ, आय कारक,ख्याति सम्मान विद्या और ज्ञान करवाएगाप्राप्त होगा

९) धनु: रोजगार, प्रमोशन होगा धन समृद्धि में वृद्धि देगा रुके हुए काम बनने लगेंगे

१०) मकर: मांगलिक कार्य होगे स्वस्थ शिक्षा एवं संतति सुख देगा

११) कुम्भ: अच्छा नहीं रहै।गा अवनति,व्यय, नुकसान देगा परन्तु सुखदायी रहेगा

१२) मीन: अच्छा प्रभाव हगा सुख स्वस्थ,ख्याति, भाग्य, आय बढ़ाएगा

उपरोक्त फल कथन गुरु गोचर के अनुसार है। अधिक सटीक फल कथन पत्रिका देख कर ही बताया जा सकता है।

Comments

comments

error: Content is protected !!