मरुस्थल के स्वर्ग पर भारत ने रखी आस्था की नींव

उपासना डेस्क (अनिल कुमार श्रीवास्तव)।मरुस्थल का स्वर्ग कही जाने वाली संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी आबू धाबी में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिन्दू मन्दिर का शिलान्यास कर आस्था का संचार किया है।उनके इस कदम से हिंदुस्तान में खुशी की लहर दौड़ गई है।

यूँ तो यूएई के दुबई इलाके में भगवान शिव, भगवान कृष्ण के मंदिर बने हुए है जो वहाँ हिन्दू समुदाय को एकता के सूत्र में पिरोये हुये है।हालांकि संयुक्त अरब अमीरात में हिन्दू विवाहों को पंजीकरण नही कराया जा सकता, इसके बावजूद इन मन्दिरो में विवाह समारोह होते रहतेहै।यह मंदिर भारतीय वाणिज्य दूतावास के सहयोग से चलाया जाता है।जिबेल अली के नजदीक एक गुरुद्वारा भी है।मोदी जी के भारतीय प्रधानमंत्री बनने के बाद अगस्त 2015 में स रा अ के शासकों ने अबुधाबी में हिन्दू मन्दिर बनवाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की धोषणा की थी।इसबार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपनी यात्रा इस्लाम की वास्तुकला के बेजोड़ नमूने इबादतगाह विश्व की तीसरी बड़ी मस्जिद शेख जायद को देखकर की।समूचे यूएई में लगभग 26 लाख भारतीय रहते है जो इस देश की आबादी का लगभग 30 फीसदी है लेकिन इसकी राजधानी में आजतक हिन्दुओ का एक भी मन्दिर नही बनवाया गया है।3 दशकों से ज्यादा इंतजार के बाद अपने वतन के प्रधानमंत्री के आगमन पर वहाँ रह रहे हिंदुस्तानियों में एक उम्मीद की किरण जगी।श्री मोदी ने उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए वहाँ की सरकार से आर्थिक व अन्य मसलों पर बात के अलावा आतंकवाद के मुद्दे पर प्रभावी बातचीत की और आग्रह किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार का सक्रिय सहयोग करें।

आज भारतवासियों की तरफ से वली अहद शहजादा मो बिन जायद अल नाहयान को धन्यवाद देते हुए प्रधानमंत्री श्रीमोदी ने अबुधाबी में पहले मन्दिर की आधारशिला रखी।55000 वर्गमीटर के क्षेत्रफल में दुबई अबुधाबी राजमार्ग पर बनने वाले इस पहले मन्दिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार करेंगे।भगवान शिव, भगवान कृष्ण, भगवान अयप्पा समेत कई हिन्दू देवी देवताओं को समर्पित इस मंदिर में हरियाली की छटा विखेरता सुन्दर बगीचा और मनभावन वाटर फ्रंट होगा।भारत सरकार ने इस मंदिर के निर्माण से प्रबंधन की जिम्मेदारी बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था को दी है।

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