इस बार शिव और सिद्धि योग में 13 को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि – ज्योतिर्विद पं.सोमेश्वर जोशी

पं. सोमेश्वर जोशी
Mo. 9907058430

महाशिवरात्रि मुहूर्त
इस दिन शिवरात्रि निशिता काल पूजा का समय 12:16 से 01:06 तक होगा। मुहूर्त की अवधि कुल 50 मिनट की है।

रात्रि पहले प्रहर पूजा का समय = 06:05 से 09:20
रात के दूसरा प्रहर में पूजा का समय = 09:20 से 12:35
रात्रि तीसरा प्रहर पूजा का समय = 12:35 से 3:49
रात्रि चौथा प्रहर पूजा का समय = 03:49 से 07:04

मालवा के ज्योतिर्विद पं.सोमेश्वर जोशी के अनुसार 13 को शिवरात्रि मनाना इसलिए शास्त्र सम्मत हे क्योकि निशीथव्यापीनी फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस बार 13 फरवरी को पूर्ण रूप से निशीथव्यापीनी है जबकि 14 फरवरी को आंशिक रूप से निशीथकाल रहेगा। एक और तथ्य यह भी हे की त्रयोदशी विद्दा चतुर्दशी ग्राह्य या श्रेष्ठ हे इसलिए 13 को ही महाशिवरात्रि मनाना शास्त्र सम्मत है क्योंकि इस दिन मंगलवार है और त्रयोदशी तिथि रात 10.34 बजे तक रहेगी। बाद में चतुर्दशी प्रारंभ होगी जो 14 फरवरी को रात 12.46 बजे तक रहेगी। पंचांगों के अनुसार 13 फरवरी को चतुर्दशी निशीथ (रात 12.16 से 1.06 बजे) तक पूर्णत: व्याप्त कर रही है, ऐसे में कुछ स्थानों पर 14 फरवरी को पर्व मनेगा। इधर, देश के पश्चिमी हिस्से में कुछ जगह पर निशीथ काल 14 को है, इसलिए वहां 14 फरवरी को पर्व मनाया जाएगा।

 

इंदौर, ओंकारेश्वर, उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में महाशिवरात्रि इस बार देश में 13 फरवरी को मनाई जाएगी। इंदौर, ओंकारेश्वर, उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में महाशिवरात्रि 13 फरवरी को मनाई जाएगी। इस बार शिवयोग और सिद्धि योग भी बन रहा है। पंडितों के अनुसार देश के ज्यादातर हिस्सों में 13 फरवरी को जबकि बिहार, कोलकाता आदि जगह 14 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। शिवरात्रि को लेकर म.प्र. शासन कैलेंडर में मतभेद के कारण आमजन में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई हे। ऐसा पहले भी हुआ हे जब होली का अवकाश किसी और दिन ता और होली किसी और दिन प्रशासन को चाहिए की की जिसतरह मौलवी से पूछ कर अवकाश दिए जाते हे उसी प्रकार अच्छे ज्योतिषी जानकर से पूछ कर अवकाश का निर्णय किया जाये जिससे बार बार ऐसी असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो तथा म.प्र. में भी नियमानुसार १३ का अवकाश घोषित किया जाये

महाकाल मंदिर में 13 फरवरी को महाशिवरात्रि का मुख्य उत्सव मनेगा। विशेष शृंगार होगा। देशभर से हजारों दर्शनार्थी पहुंचेंगे। पुजारी पं. प्रदीप गुरु ने बताया 14 फरवरी को साल में एक दिन दोपहर में भस्मारती होगी। ओंकारेश्वर में 13 फरवरी को उत्सव मनाया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अशोक महाजन ने बताया देर रात तक दर्शन का सिलसिला चलेगा।

Comments

comments

error: Content is protected !!