दीपावली पर चर, सिद्धि विशेष योग- पंडित सोमेश्वर जोशी

पं. सोमेश्वर जोशी
Mo. 9907058430

27 साल के बाद इस दिवाली पर चर, सिद्धि योग का संयोग बन रहा है, जो कि महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए 27 साल के बाद इस दिवाली पर गुरु चित्रा योग का संयोग बन रहा है, जो कि महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ से लेकर घर की सजावट के लिए बाजार से हर प्रकार की खरीदारी करने के लिए शुभ है। नक्षत्र मेखला की गणना के अनुसार ऐसा संयोग आगे 4 साल बाद 2021 में बनेगा। 1990 में गुरुवार के दिन चित्रा नक्षत्र में जब दिवाली आई थी तब यह संयोग बना था। इस बार दिवाली के दिन 7 चौघड़िए, एक अभीजित मुहूर्त और दो लग्न मिलाकर दिन से रात तक खरीदी से लेकर लक्ष्मी, गणेश व कुबेर की पूजा के लिए शुभ समय रहेगा। ज्योतिर्विद पंडित सोमेश्वर जोशी ने बताया ज्योतिष में गुरु चित्रा योग से चरयोग व् गुरूवार अमावस्या से सिद्दी योग बनता हे जिसका फल कार्य लाभ तथा पूजा व खरीदी खास ही नहीं बल्कि चीर स्थाईकाल तक लाभ देने वाली मानी जाती है। इसलिए लोग इस योग भी लाभ ले सकते हैं। 19 अक्टूबर को सुबह 7.25 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र लगने के साथ गुरु चित्रा योग शुरू हो जाएगा जो कि अगले 24 घंटे तक रहेगा।

पंडित सोमेश्वर जोशी के अनुसार अमावस्या तिथि, गुरुवार का दिन और चित्रा नक्षत्र इन तीनों के एक साथ होने का योग बहुत कम बनता है। ज्योतिष में गुरु को सोना, भूमि, कृषि आदि का कारक ग्रह माना जाता है। जबकि चित्रा नक्षत्र चांदी, वस्त्र, जल, दुग्ध के लिए खास व शुक्र की राशि वाला यह नक्षत्र समृद्धि का कारक है।
पूजा के लिए 2.20 घंटे का प्रदोषकाल
दिवाली पर अधिकांश लोग शाम के समय  प्रदोषकाल में महालक्ष्मी की पूजा करते हैं। इस बार शाम 5.54 से रात 8.26 बजे तक 2.20 घंटे का प्रदोषकाल रहेगा। इस दौरान लोग धन, सुख-समृद्धि की कामना से लक्ष्मी, गणेश व कुबेर का पूजन कर सेकेंगे। इस बार एक और खास बात यह भी है कि दिवाली पर लक्ष्मी की विशेष पूजा के लिए 12 साल के बाद चतुर्ग्रही योग का संयोग भी बन रहा है। जो कि रात 8 बजे के बाद शुरू होगा। इसमें सूर्य,चंद्र, बुध और गुरु चारों ग्रह तुला राशि में होंगे।
दीपावली महालक्ष्मी पूजन मुहूर्त 19/10/2017 गुरूवार 
अमावस्या तिथि प्रारम्भ = 19/अक्टूबर/2017 को रात्रि 12:13 बजे से रात्रि 12:41 बजे तक
चोघडिया मुहूर्त:
  • शुभ  06:24-07:51 प्रातः
  • लाभ  12:11 -01:३८ दोपहर
  • अमृत  01:38-03:05*
  • शुभ  04:31 -05:58
  • अमृत  05:58 -07:31रात्रि
  • लाभ  12:11 – 01:45 रात्रि
लग्न मुहूर्त:
  • वृश्चिक 08:34-10:50 प्रातः
  • कुम्भ 02:42-04:16 दोपहर
  • वृषभ 07:27-09:25 रात्रि
  • सिंह 01:54-04:06 रात्रि
  • प्रदोष काल = 05:54 से 08:२५ रात्रि
  • अभिजीत मुहूर्त 11:48 -12:34
  • महानिशित काल मुहूर्त= 11:46से 12:36
    राहु काल भी होने के कारण त्यज्य

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