माघमेला-2018 एवं कुम्भ-2019 स्वच्छ मेला मनाने के लिए प्रशासन ने कसी कमर, मेला क्षेत्र को मिलेंगे फाइबर शीट के शौचालय

उपासना डेस्क, इलाहाबाद: माघमेला-2018 एवं कुम्भ-2019 आयोजन में शौचालयों एवं स्वच्छता के प्रबन्ध व्यापक स्तर पर किये जाने के कार्य पर प्रशासन की विशेष दृष्टि है। मण्डलायुक्त डा0 आशीष कुमार गोयल ने इस वर्ष माघ मेेला एवं इसी तर्ज पर आगामी वर्ष में कुभ्भ के दौरान मेला क्षेत्र में उच्चस्तरीय शौचालय बनाये जाने के अबतक की जा रही तैयारियों की समीक्षा की तथा नये प्रयोगों की व्यावहारिकता पर गहराई से विचार-विमर्श किया।

बैठक में उ0प्र0 हेल्थ स्टेथनिंग प्रोजक्ट (यूपीएचएसपी) की सलाहकार श्रीमती सलोनी गोयल के साथ नवागत मेलाधिकारी श्री विजय किरन आनन्द, नगर आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी, सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में मण्डलायुक्त ने इस माघ मेले के दौरान 5000 शौचालयों के स्थापित किये जाने तथा मेला अवधि तक उनके पूरी तरह कार्यरत रहने की व्यवस्था किये जाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह निर्माण तथा इनकी कार्यरत रहने की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चत कराई जाये एवं इनमें स्वच्छता सुनिश्चित करते हुए इनका संचालन निर्बाध रुप से किया जाये। उन्होंने यह कहा कि यद्यपि पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने से अधिक शौचालय मेले क्षेत्र में न केवल लग गये हैं, बल्कि प्रयोग में भी आने लगे हैं।

आज की अवधि तक मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा यह अवगत कराने पर 10 की सेट शौचालय के 211 से अधिक शौचालय सेट तैयार होकर प्रयोग में आ चुके हैं और आगामी एक सप्ताह में लगभग 150 सेट तैयार होकर और प्रयोग में आने लगेगें। इसपर मण्डलायुक्त ने यह निर्देश दिया कि इसके अलावा अवशेष शौचालय मुख्य स्नान पर्व प्रारम्भ होने से पूर्व पूरी संख्या में पूरी संख्या में तैयार कर लेने का एक पर्ट चार्ट उनको प्रस्तुत किया जाये जिसमें यह उल्लेख हो कि शेष शौचालय तिथिवार कितने दिनों में तथा कब तक पूरे होंगें। उन्होंने इस व्यवस्था पर निरन्तर पर्यवीक्षा करते रहने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिये और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने की हिदायत दी। मण्डलायुक्त ने कहा कि इसके लिए आवश्यकतानुसार अधिक से अधिक जनशक्ति प्रयोग में लाकर काम तेजी से पूरा कराया जाये तथा सफाई कर्मियों का मनोबल ऊॅंचा रखते हुए उनकी परिश्रमिक की धनराशि सीधे उनके खाते मंे समय से भेज दी जाये। इसके लिए धन की कमी नहीं होने पायेगी। सफाई कर्मियों के भुगतान संबंधी कार्यो के लिए धनराशि उपलब्ध कराने में तेजी बरतने के लिए उन्होंने कोषागार के अधिकारियों से सीधे फोन पर बात की तथा नियमानुसार भुगतान शीघ्र्र कर दिये जाने के निर्देश दिये।

यूपीएचएसपीसीेे की सलाहकार श्रीमती सलोनी गोयल ने अवगत कराया कि माघमेला का प्रथम स्नान 02 जनवरी को शुरु होने से पूर्व दिनांक 30 दिसम्बर को ही मेला क्षेत्र में ठोस एवं तरल कचरे को अनग-अलग डस्टबिन्स में डालकर उन्हें टाटा एस के द्वारा काम्पैक्टर तक ले जाने और काम्पैक्टर को मेला क्षेत्र से बाहर भेज देने का रिर्हसल पूरा कर लिया जायेगा तथा पहले स्नान पर्व के दिन से ही यह व्यवस्था व्यवहारिक जरुरतों को समझते हुए फुलप्रूफ तरीके से प्रयोग में लाई जायेगी। इसके लिए सफाई वाहनों को नम्बर देकर उनका रुट निर्धारित करते हुए उन्हें मेला क्षेत्र से बाहर तक भेजा जायेगा। इसके लिए नगर निगम एवं स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ कार्य करते हएु उत्तरदायी होंगें।

इसबार मेले में कई नये प्रयोग स्वच्छता के लिए किये जा रहे हैं जिनमें एक चयनित सेक्टर में सफाई कर्मियों को आरएफ टैग देकर उनकी मेला क्षेत्र में निरन्तर उपस्थिति सुनिश्चित की जानी है। इसी प्रकार सफाई कर्मियों की बायोमैट्रिक्स उपस्थिति के लिए भी साफ्टवेयर निर्मित किये जाने की तैयारी अन्तिम चरण में है। मेला क्षेत्र में इसबार शौचालयों में निरन्तर सफाई सुनिश्चित कराने के लिए फाइबर शीट के शौचालय भी स्थापित किये जा रहें हैं। इसके अलावा बायोडाइजेस्टर के आधार पर चलने वाले शौचालयों को भी प्रयोग में लाकर उनकी कार्य पद्वति एवं गुणवत्ता परखी जानी है, जिसके आधार पर सफल पद्वतियों का व्यापक प्रयोग आगामी कुम्भ आयोजन में किया जा सके।

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